Uncategorizedभयहिन्दी
Trending

शैतान मेरा यार

रात के अंधेरे में, जब पूरा शहर सो रहा था, अर्जुन अकेले सड़क पर चला जा रहा था। उसकी आँखों में गुस्सा था, हाथ में एक शराब की बोतल और दिमाग में सिर्फ एक ही ख्याल—बदला

उसका सबसे अच्छा दोस्त रवि उसे धोखा देकर उसकी ज़िंदगी बर्बाद कर चुका था। बिज़नेस छीन लिया, प्यार छीन लिया, और अब अर्जुन के पास कुछ भी नहीं बचा था… सिवाय नफ़रत के।

गुस्से से भरा हुआ, वह शहर के सबसे पुराने कब्रिस्तान में जा पहुंचा। वहां एक टूटी-फूटी कब्र के पास बैठकर उसने जोर से चिल्लाया—

“अगर कोई मुझे ताकत दे सकता है, तो मैं अपनी आत्मा बेचने को भी तैयार हूँ!”

तभी ठंडी हवा चलने लगी। माहौल में अजीब-सी घुटन फैल गई। सामने अंधेरे से एक परछाई उभरी। लाल चमकती आँखें, एक काला सूट, और एक डरावनी मुस्कान।

“मुझे बुलाया?”

अर्जुन का खून जम गया। वह शैतान था।

शैतान मुस्कुराया। “मुझे तुम्हारा गुस्सा पसंद आया। मैं तुम्हारा यार बन सकता हूँ… लेकिन कीमत लगेगी।”

“क्या चाहिए तुम्हें?” अर्जुन ने कांपते हुए पूछा।

शैतान ने धीमे से कहा, “तुम्हारी आत्मा।”

अर्जुन ने एक पल भी नहीं सोचा। “ले लो, बस मुझे ताकत दो। मुझे बदला लेना है!”

शैतान ने उसकी ओर हाथ बढ़ाया। अर्जुन ने जैसे ही हाथ मिलाया, उसे लगा कि उसकी रगों में आग दौड़ गई हो। उसकी आँखें लाल हो गईं, हाथों में अद्भुत शक्ति आ गई। अब वह इंसान नहीं था—अब वह शैतान का यार था।

अगली सुबह, रवि का शव उसके घर में मिला। उसका चेहरा डर के मारे बुरी तरह बिगड़ चुका था, जैसे उसने मौत से पहले कुछ भयानक देखा हो

कहते हैं, उस रात के बाद अर्जुन कहीं गायब हो गया… लेकिन जब भी किसी के दिल में बदले की आग जलती है, तो कहीं न कहीं, एक फुसफुसाहट सुनाई देती है—

“शैतान मेरा यार है…”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button