
दुनिया को शैतानों से बचाने का अब एक ही उपाय था और वह उपाय मौजूद था सात दरवाजों के पीछे.. उन सात दरवाजों के पीछे, जिन्हें पार करने की सोचने से पहले मौत को भी पसीना आ जाता था। लेकिन उसने बिना सोचे ही दुनिया को बचाने के लिए उन सात दरवाजों को पार करने की ठान ली।… लेकिन ठान लेने से क्या होता है! जिन दरवाजों को मौत नहीं पार कर सकती उन्हें वह कैसे पार कर सकता था?..अब क्या होगा?.. जानने के लिए पढ़िए उपन्यास जगत के एक प्रसिद्ध लेखक के द्वारा लिखा गया उपन्यास ‘सात दरवाजे’ जिसका हर शब्द आपको बिजली का नंगा तार सा प्रतीत होगा।